सामाचार

22, 23 दिसम्बर को वैदिक कार्यशाला का आयोजन।

न्यास के द्वारा वैदिक ज्ञान के लिए फेसबुक पर एक पृष्ठ बनाया गया है। जिसमें वैदिक ज्ञान की चर्चा की जाती है।

कैलेंडर

There are no events at this time
PDF Print E-mail

गोशाला

गावो विश्वस्य मातरः” अर्थात् गाय विश्व की माता है। इसका पालन-पोषण करना प्रत्येक मानव का परम धर्म है। गाय को वेद में अघ्न्या कहकर पुकारा गया है तथा इसे पूज्य एवं सत्करणीय बताया गया है। गाय का दूध पोषक एवं सुपाच्य है। शास्त्र गोदुग्ध को साक्षात् अमृत बताते हैं। वर्तमान में अनेक वैज्ञानिक शोधों से पता चला है कि गाय अद्वितीय प्राणी  है। इसके दूध, घृत, छाछ, गोबर, मूत्र, आदि का प्रयोग अनेक रोगों में किया जाता है। ऐसे उपयोगी प्राणी का पालन करने हेतु बृहत् गोशाला की आवश्यता होती है। गाय का दुग्ध बुद्धिवर्धक पुष्टिकारक तथा बलवर्धक है। गोदुग्ध के समान अन्य किसी का दुग्ध नहीं है।