सामाचार

30 मई से 3 जून 2015 तक योग साधना शिविर आयोजित किया जा रहा है,इसमें आप सपरिवार सादर आमन्त्रित हैं।

कैलेंडर

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गतिविधियाँ

छात्रों की प्रतिभा के बहुआयामी विकास के उद्देश्य को लक्षित कर विविध गतिविधियाँ का आयोजन करता है, जिनमें, निम्नलिखित मुख्य हैं।
वाग्वर्धिनी सभा-
छात्रों में विशेषरुप से सम्भाषण, गायन, वाक्कला एवं सम्प्रेषण की क्षमता के संवर्धन के उद्देश्य से वाग्वर्घिनी सभा का आयोजन आवश्यक है । संयोजन, संचालन आदि कार्यों में छात्रों को निपुण बनाने के लिए उनकी विशेष भूमिका स्थित की जाती है।


प्रतियोगिताएँ एवं पुरस्कार-
न्यास मेधावी छात्रों कों विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने हेतु उनकी विशेष सज्जा करवाता है तथा विशेष आयोजनों पर भाषण, गायन, लेखन एवं खेलकूद आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन करता है, जिनमें योग्यतम स्थान प्राप्त छात्रों को तथा वार्षिक परीक्षा में अपनी कक्षाओं में प्रथम, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को विशेष पुरस्कार प्रदान किया जाता हैं।

संगोष्ठियाँ-
न्यास विभिन्न विषयों पर यथासमय संगोष्ठियों तथा कार्यशालाओं का आयोजन करता है, जिसमें विशिष्ट विद्वानों के द्वारा जीवनोन्नतिकारक लोकप्रिय व्याख्यानों का संयोजन होता है।

 



लेखन कला-
न्यास छात्रों में लेखन कला को विकसित करने हेतु विभिन्न समयों पर छात्रों को प्रोत्साहित करता है, जिससे अनेक विशिष्ट पत्र-पत्रिकाओं में छात्रों की कृतियाँ प्रकाशित होती हैं। इसी उद्देश्य के द्विगुणित विकास के लिए वर्तमान में आर्ष-ज्योतिः नामक मासिक पत्रिका का प्रकाशन न्यास की शाखा गुरुकुल पौंधा, देहरादून से हिन्दी और संस्कृत भाषा में हो रहा है। जिसमें अध्यापकों, छात्रों, स्नातको तथा विद्वानों के विचार प्रकाशित होते हैं।

 

 



प्रचार-प्रसार कार्य-
आर्ष-न्यास कृण्वन्तो विश्वमार्यम् अर्थात्-सम्पूर्णसंसार को श्रेष्ठ बनाओं के विशाल उद्देश्य को ध्यान मे रखते हुए यथासमय यज्ञ, वेदपाठ, व्याख्यान आदि के माध्यम से वैदिक सिद्धान्तों के प्रचार-प्रसार का प्रशंसनीय कार्य निरन्तर करता है। आर्ष-न्यास के स्नातक प्रचार-प्रसार का कार्य देश-विदेश में मनसा-वाचा-कर्मणा कर रहे हैं।

 

 



देशाटन -
आर्ष-न्यास छात्रों के ऐतिहासिक ज्ञान की उन्नति के लिए समय-समय पर विशेष भ्रमणों की व्यवस्था करता है, इन भ्रमणों से छात्र अपने सास्कृतिक, ऐतिहासिक एवं भौगोलिक परिवेश से परिचित होते हैं।