सामाचार

30 मई से 3 जून 2015 तक योग साधना शिविर आयोजित किया जा रहा है,इसमें आप सपरिवार सादर आमन्त्रित हैं।

कैलेंडर

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उद्देश्य

उद्देश्य विश्वनीड न्यास के निम्नलिखित उद्देश्य होगें –
शैक्षिक-

  • शिक्षा, कला, साहित्य, आध्यात्म आदि क्षेत्रां में प्राचीन एवं आधुनिक दृष्टियों से तुलनात्मक अध्ययन हेतु शोध संस्थान व संचालन करना ।
  • सभी भाषाओं की जननी संस्कृत भाषा का विकास एवं प्रचार प्रसार करना ।
  • निराश्रित, अनाथ, घुमन्तु, झुग्गी झोपडी व फुटपाथ पर जीवन यापन करने वाले बच्चों , शारिरीक विकलांगों , नेत्रहीन, मूक बधिर और मंदबुद्धि के कल्याण के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण, आवास व योग्यता रखने वाली अन्य सुविद्याएं उपलब्ध करना ।
  • अध्ययनरत्‍ मेधावी (किंतु आर्थिक दृष्टि से हीन) विद्यार्थियों को छात्रवृति एवं उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सहयोग करना ।
  • अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछडे वर्ग के विघार्थियों के लिए प्रवेश कक्षाओं की कोचिंग व्यवस्था करना व छात्रों का निर्माण करना ।
  • प्रौढ शिक्षा को बढावा देना ।
  • पुस्तकालय, वाचनालय, अध्ययनकक्ष, छात्रावास, क्रीडा मैदान, आदि का निर्माण एवं करना ।
  • जनोपयोगी, कल्याणकारी, एवं आत्मविकास सम्बन्धी साहित्य को प्रोत्साहन प्रकाशन व अनुवाद कराना और करवाना ।
  • उत्कृष्ट लेखन, कला, संगीत इत्यादि को बढावा देने हेतु विविध भाषाओं में पुस्तक एवं पत्रिकाओं का प्रकाशन करना तथा इसके उत्थान के लिए कार्यक्रमों का आयोजन करना।

 

स्वास्थ्य-

  • शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम् व स्वस्थ नागरिक सम्पन्न राष्ट्र की उक्ति को चरितार्थ करने के लिए स्वास्थ्य जागरूकता जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन, नैतिकता का प्रचार प्रसार, निराश्रित व गरीबी को स्वास्थ्य सम्बन्धी सेवाएं उपलब्ध कराना ।
  • चलते-फिरते स्वास्थ्य वाहनों की व्यवस्था ।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता के लिए सचल अस्पतालों की व्यवस्था करना ।
  • नशा उन्मूलन, एडस हैपेटाईज बी, कैंसर, टी0बी0, कुष्ट रोग, यौन रोग व मनो रोग आदि विमारियों के रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाना ।
  • नेत्रहीनों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करना ।
  • विकलांगों को उपकरण उपलब्ध कराना, विकलांगता से बचाव की जानकारी देना, अपंग पुनर्वास केन्द्र स्थापित करना, विकलांगों को नौकरी, व्यवसाय दिलाना, उनके लिए खेलकूद, अन्य गतिविधियां एव प्रतियोगिताऐं आयोजित करना, उन्हें सरकारी योजनाओं से लाभान्वित कराना तथा उनके अधिकारों से परिचित कराना ।
  • योग एवं आयुर्वेद को जन जन तक पहुचाने के लिए अभियान चलाना, योग के प्रचार प्रसार तथा अनुसन्धान के लिए संस्थानों की स्थापना व संचालन करना ।
  • परम्परागत व गैर परम्परागत व्यायाम शालाओं की स्थापना व संचालन करना ।
  • पशु-पक्षी आदि प्राणियों के कल्याणार्थ प्राणी रक्षा केन्द्रों का निर्माण एवं उनका संचालन करना और गौशाला आदि के माध्यम से सेवायें प्रदान करना।
  • महिला एवं बाल विकास
  • गरीब व जरूरत मद महिलाओं के घरेलू जीवन को सुधारने के लिए शिक्षा तथा साहित्य का प्रबन्ध करना । तथा उनकी पारिवारीक और सामाजिक समस्याओं को दूर करने के लिए शिविरों का आयोजन करना ।
  • गरीब तथा निर्धन महिलाओं को शिक्षित और स्वालम्बी बनाने के लिए शिक्षा और रोजगार उन्मुख प्रशिक्षिण तथा आर्थिक मदद देना ।
  • विधवाओं के आत्म सम्मान तथा आर्थिक, सामाजिक सरंक्षक और उनके बच्चों के लिए उचित पालन पोषण तथा शिक्षण के लिए सहयोग देना ।
  • गरीब, बेसहारा कन्याओं के विवाह, सामूहिक विवाह कराना, महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सचेत करना, बेसहारा व कामकाजी महिलाओं के लिए आवास गृहो की स्थापना, बच्चो में राष्टीय चेतना, चरित्र विकास, ज्ञान विज्ञान अध्यात्म व योग का प्रचार करना ।
  • बच्चों के मौलिक अधिकारों को सुनिश्चित करवाना । बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए प्रयास करना ।

सामाजिक एवं आर्थिक-

  • सामाजिक बुराईयों बाल विवाह, दहेज प्रथा, कन्या भू्रण हत्या, महिलाओं पर अत्याचार, वैश्या वृति, यौन शोषण व बाल श्रम आदि के निराकरण के लिए समाज में जागरूकता अभियान चलाना
  • जातीय-धर्मीय विषमताओं, अन्धविश्वास, कुरीतियों आदि को मिटाना जैसे-जाति प्रथा, अस्पृश्यता, मद्यपान, धुम्रपान-चरस आदि दवाओं का नशा, खुशी के अवसरों पर अनावश्यक व्यय की परम्परा आदि।
  • अनुसूचित जाति जनजाति तथा कमजोर वर्गो के गरीब व जरूरत मदो के आर्थिक स्वालम्ब के लिए रोजगार उन्मुक्त प्रशिक्षण की व्यवस्था करना, अनाथ बच्चों व वृद्धो के कल्यार्णथ आवासीय व अनावासीय गृहो का संचालन करना ।
  • उपभोक्ताओं के अधिकारियों के लिए जागरूकरता अभियान चलाना, यातायात प्रशिक्षण के लिए संस्थान का निर्माण व संचालन करना ।
  • सडक सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान चलाना, लोगों के लिए उनके अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति सचेत करना ।
  • जरूरतमदों के लिए आवास का प्रबन्ध करना, जैसे- वृद्धाश्रम आदि।
  • स्वयं सहायता समूहो का विकास करना, राष्टीय विकास और समाज सेवा के कार्यक्रमों के संचालन में सहयोग करना ।
  • जनहित हेतू किये जा रहे वैज्ञानिक तकनीकी आविष्कारों व अविष्कारको को प्रोत्साहित व सम्मानित करना ।
  • संस्कृति, रोजगार, आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए मेलों का आयोजन करना, खेल कूद साहित्य व लोक कलाओं को बढावा देना ।
  • अप्रवासी भारतीयों को भारत में कल्याणकारी योजनाओं में सहयोग देने के लिए आमंत्रित एवं प्रोत्साहित करना ।
  • लोगो को उनके मताधिकार के सदपयोग के महत्व से अवगत कराना, वरिष्ठ नागरिको की समस्याओं के निदान के लिए प्रयास करना ।
  • जातीय विषमता को दूर करने के लिए व्यवहारिक अवस्था में , गुण कर्म स्वभाव के आधार पर विवाह के इच्छुक युवक युवतियों को प्रोत्साहित करना, चरित्र निर्माण शिविरों का आयोजन करना ।

विधि सम्बन्धी-

  • आम लोगों में कानूनी साक्षरता का प्रसार करना, मानव अधिकारों की रक्षा हेतु कार्यक्रम चलाना और गरीब व जरूरतमदों व वेसहारा लोगों को निशुल्क कानूनी सहायता मुहैया कराना, सूचना के अधिकार (आर0टी0आई0) के सदपयोग को बढवा देना ।
  • विभिन्न कानूनी मामलों पर गोष्टी संवाद आदि कराना, जनहित के मामलो व मुददों जनहित याचिका दायर करना या कराना ।
  • ग्रामीण उत्थान, कृषि व पर्यावरण
  • खेती भाडी व उससे जुडे उघोग धन्धों से अधिक आय पाने के तरीको का प्रचार करना और आधुनिक कृषि तकनीको से किसानो को परिचित कराना, हर्बल कृषि को बढावा देने के औषधीय पौधे लगाना ।
  • ग्रामीणों को पंचायती राज सस्थाओं की शक्तियों व अधिकारों से परिचित कराना, भूमि संरक्षण, जल संरक्षण व देशी खाद को बढावा देना ।
  • पर्यावरण प्रदूषण के प्रति लोगों को जागरूक करना, प्लास्टिक आदि के दुष्प्रभाव के प्रति सचेत करना, पर्यावरण सरंक्षण के लिए वृक्षारोपण, पेडांे की सुरक्षा, धुआँ रहित चूल्हो, सूर्य उर्जा का प्रचार व उधान बनवाना ।
  • वन्य जीव व पालतू जानवरों पर अत्याचार रोकना व उनके सरक्षण के कार्य करना और लोगों को वन्य जीवांे का महत्व बताना, जीव जन्तुओं के कल्याण और उनके अधिकारों (एनिमल राईटस) का सरंक्षण करना ।
  • गोवंश व अन्य पशुधन द्वारा की जाने वाली कृषि को बढावा देना इस कार्य हेतु पशुशालाओं व गौशालाओं की स्थापना कराना|
  •  ग्रामीणों के उत्थान, कृषि, पर्यावरण, जिव-जंतु कल्याण आदि के लिए कार्यशालाओं का आयोजन करना|